‘इंदिरा एकादशी’ -मिले पितरों को मोक्ष।

‘इंदिरा एकादशी’ -मिले पितरों को मोक्ष।

पितृपक्ष के इस समय पितरों को मोक्ष दिलाने वाली एकादशी का बहुत महत्व है। आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। Astro kavach के संस्थापक और विश्वप्रख्यात ज्योतिष आचार्य Dino ने बताया कि इस बार इंदिरा एकादशी व्रत 13 सितंबर को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में इंदिरा एकादशी पितरों को मोक्ष दिलाने वाली एकादशी है। उन्होंने बताया कि इस एकादशी के दिन अचूक उपाय करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और घर में धन, सुख, समृद्धि का आगमन होता है।

‘इंदिरा एकादशी’ पितरों को मोक्ष दिलाने वाली एकादशी का महत्त्व

जाने-माने ज्योतिषाचार्य Astro Dino ने बताया कि इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi) को श्राद्ध – एकादशी भी कहा जाता है। वे बताते हैं कि शास्त्रों में इंदिरा एकादशी के दिन विधि-विधान से व्रत करने पर पित्रों को मोक्ष मिलता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों अनुसार पितरों के जीवन में जाने-अनजाने कोई भूल हो जाती है तो पाप का भागी न बने और यमराज के दंड से उनकों बचाने के लिए उनके परिजनों को यह व्रत जरूर रखना चाहिए।

‘इंदिरा एकादशी’ व्रत का शुभ मुहूर्त

व्रत धारण करने का समय:
एकादशी तिथि प्रारम्भ 13 सितम्बर, 2020 को प्रातः 4:13 बजे से।

एकादशी व्रत पूरा होने का समय:
14 सितम्बर, 2020 को सुबह 3:16 बजे तक।

पारण का समय:
14 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से शाम 03 बजकर 27 मिनट तक।

इंदिरा एकादशी व्रत इस तरह से करें, जाने पूरा उपाय और नियम (Indira Ekadashi Vrat Vidhi)

एकादशी के दिन सूरज उगने से पहले उठे और स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल की सफाई करें। पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़क कर स्थान को पवित्र करें। हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें और बोलें, “ओम माधवाय नम:, ओम विष्णवे नम: और ओम केशवाय नम:” बोलते हुए बार हाथ में जल लेकर पीएं। फिर हाथ में जल लेकर हाथ धो लें।
एक चौकी पर पीला कपड़ा दिखाएं और चारों ओर कलावा बांधे। कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। गणेश जी को ध्यान करें और उन्हें चावल फूल चढ़ाएं। विष्णु जी की फोटो या मूर्ति चौकी पर रखिए। फूल, माला और तुलसी पत्ता चढ़ाएं। भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए दीपक जलाकर उनको समर्पित करें। भगवान विष्णु को फलों का भोग लगाएं।
इसके बाद स्तुति, सहस्त्रनाम, चालीसा और आरती पढ़कर पूजा करें।
व्रत के समय पानी दूध और फल का सेवन कर सकते हैं। अगले दिन व्रत का पारण करें। ब्राह्मण को दान दें।

इंदिरा एकादशी व्रत करने के लिए व्रती इन नियमों को जरूर अपनाए, आपकी सारी इच्छाएं पूरी होगी

इंदिरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। शास्त्रों में लिखा है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। सुख, आयु और धन बढ़ता है। आइए जाने ज्योतिषाचार्य Astro Dino से इंदिरा एकादशी के दिन कौन-कौन से उपाय करें जिससे सभी इच्छाएं पूरी हो और पितरों को शांति मिले।
भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल चढ़ाएं उन्हें बहुत पसंद है। आपकी सारी इच्छाएं पूरी होगी।
घर में सुख शांति बनाए रखने के लिए इंदिरा एकादशी के दिन शाम को तुलसी के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए।
इंदिरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के कपड़े अनाज और फल चढ़ाना चाहिए। इन चीजों को आचार्य ब्राह्मण को दान करना चाहिए। यह करने से श्री विष्णु जी की कृपा आपको मिलती है।
शास्त्रों में लिखा है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास रहता है। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और कर्ज में घिरे हुए हैं तो इस दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं। धन की कमी नहीं रहेगी।
इस दिन भगवान विष्णु को खीर का भोग अपने हाथों से लगाए और उसमें तुलसी के पत्ते जरूर डालें। घर के परिवार के सदस्य मिलकर इस प्रसाद को ग्रहण करें। ऐसा करने से घर में सुख शांति रहती है।

जाने-माने ज्योतिषाचार्य Dino ने बताया कि शास्त्रों में कहा गया है जो जीवात्मा एक बार भगवान विष्णु के धाम पहुंच जाती है। उसे जन्म और मृत्यु के इस चक्र से छुटकारा मिल जाता है। इंदिरा एकादशी व्रत रखने से पितरों की जीवात्मा हमेशा के लिए भगवान विष्णु के लोक में उनके चरणों की सेवा में रहता है।

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