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श्राद्ध पक्ष – वो उपाय जिससे पितृ होगे प्रसन्न और घर में होगी शान्ति एवं धन वैभव की वर्षा।

पितृ पक्ष 1 सितंबर 2020 से प्रारंभ हो रहे हैं ज्योतिष के ज्ञाता Astro Dino  ने बताया कि यह समय पित्तरों को प्रसन्न करने और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सबसे उचित माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति अपने  पितृ दोष से मुक्ति के लिए हिंदू मान्यतायों के अनुसार दान दक्षिणा और पूजा पाठ करता है।पितृ दोष से पीड़ित व्यक्ति कभी भी खुशहाल जीवन नहीं जी पता उसके घर में शांति का अभाव रहता है इसलिए इससे मुक्ति पाने के लिए पितृ दोष से निवारण बेहद जरूरी है । चलिए जानते है पितृ दोष को कम करने उपाय Astrokavach के संस्थापक Astro Dino के द्वारा क्या हैं,वो चंद उपाय जिसे अपनाकर आप अपने घर में शांति सुख और वैभव ला सकते है ।

पितृ पक्ष में पित्तरों का श्राद्ध और उनका तर्पण करता है। जिससे वह हमेशा व्यक्ति के पूर्वज सभी पर अपनी कृपा  सदैव बनाएं  रखें। पितृ पक्ष के दौरान यह व्यक्ति द्वारा किए गए चंद उपाय पितृ अपके पितृ दोष से छुटकारा दिला देगे .इसके दूर होते है आपके घर में धन ,समृद्धि आदि वृद्धि होगी।

पितृ दोष के  निवारण करने के उपाय :

  1. पितृ पक्ष के दौरान रोज पित्तरों के निमित जल, जौं और काले तिल और पुष्प के साथ पित्तरों का तर्पण करने मात्र से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष खत्म होता है।

2.श्राद्ध पक्ष में अपने पित्तरों की मृत्यु तिथि को ज्ञात करके इस दिन किसी ब्राह्मण को अपने पूर्वजों का प्रिय भोजन उदार मन से कराए । इससे पित्तरों का आशीर्वाद उसकी वंशावली को प्राप्त होता है।

3.पितृ पक्ष में अपने पित्तरों के नाम का संकल्प लेकर  श्रीमद भागवत कथा, भागवत गीता, गरूड़ पुराण, नारायण बली, त्रिपिंडी श्राद्ध, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने मात्र से  ही पितर दोष की शांति कराने से भी पित्तरों को शांति मिलती है।

4.एक अन्य उपाय जो व्यक्ति पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए कर सकता हैं वह श्राद्ध पक्ष में गया जी जाकर अपने पित्तरों का श्राद्ध अवश्य रूप से करें। ऐसा करने से  पितृ शांत हो जाते है।

5.कभी – कभी व्यक्ति को अपने पित्तरों की मृत्यु तिथि याद नहीं रहती  तो ऐसे में  आप उपाय के तौर पर सर्व पितृ अमावस्या पर उनका श्राद्ध कर दे। इससे भी पितृ दोष समाप्त हो जाते है।

6.इसके अलावा आपको सर्व पितृ अमावस्या और हर अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में स्नान अवश्य रूप से करना चाहिए और योग्य ब्राह्मण के द्वारा अपने पित्तरों का श्राद्ध करवाना चाहिए .उस दिन 13 ब्राह्मणों को भोजन कराएं इसके साथ ही उन्हें अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा  अवश्य देनी चाहिए।

7.वैसे तो कुछ उपाय करने मात्र से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है परन्तु समूल रूप से इस दोष को खत्म करने के लिए विभिन्न उपाय करने होते है उनमें पितृ पक्ष में  कौवों को भोजन  कराने का बहुत महत्व है।क्योंकि ऐसी मान्यता है  कि इस समय में हमारे पितृ कौवों का रूप धारण करके धरती पर आवागमन करते है।

8.जैसा कि आप लोग जानते है कि हिन्दू मान्यता में गाय का विशेष महत्व है  आपको पितृ पक्ष में गाय की सेवा करना जरूरी होता है। पितृ पक्ष के दौरान व्यक्ति को चाहिए कि वह  गाय को भोजन कराए इसके साथ ही  किसी गऊशाला में भी दान करे। इसके अतिरिक्त पितर पक्ष में पंचबलि चींटी, कुत्ता, गाय, देवादि के अतिरिक्त कौआ को भोजन कराए।

9.इसके अलावा पितृ को शांत करने के लिए उपाय के तौर पर व्यक्ति पीपल तथा बरगद के पेड़ लगाएं।  इसके साथ ही विष्णु भगवान के मंत्र जाप, गीता का पाठ करने से भी पित्त दोष में कमी आती है।

10 वैसे तो किसी भी देवता की पूजा करने से मनोवांछित फल मिलता है परंतु  इष्ट देवता व कुल देवता की पूजा करने से भी पितृ दोष का  स्वतः शमन होता है।

11. पितृ दोष को कम करने के लिए उपाय के रूप में व्यक्ति को सोमवार प्रात:काल में स्नान करके नंगे पैर शिव मंदिर में जाये और आक के 21 पुष्प, कच्ची लस्सी, बिल्वपत्र आदि के साथ शिवजी की पूजा आराधना  करें। 21 सोमवार करने से पितृदोष का प्रभाव कम हो जाता  है।

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