सूर्य ग्रहण के बाद ग्रहों का संकेत भारत और चीन के बीच होगा युद्ध?

सूर्य ग्रहण के बाद ग्रहों का संकेत भारत और चीन के बीच होगा युद्ध?

इन दिनों भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। चीन की तरफ से बार-बार अतिक्रमण से खुद को सुरक्षित करने के लिए चीन से सटे अपनी सीमा पर भारत सड़क और पुल का निर्माण करा रहा है, इस कारण से चीन भारत से चिढ़ा हुआ है। कई उच्च स्तरीय बैठक के बाद भी चीन की तरफ से कोई सार्थक पहल नहीं की गई। 15 जून को गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच हुई झड़प के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है।
#Astro Kavach के संस्थापक और राष्ट्रीय गौरव प्राप्त ज्योतिर्विद (Astrologer) Astro Dino के ज्योतिष विश्लेषण के नजरिए से आइए जानें कि चीन के कपटी दिमाग में क्या चल रहा है-

चीन के छल को सचेत कर रहा सूर्यग्रहण

#Astro Kavach के संस्थापक और राष्ट्रीय गौरव प्राप्त ज्योतिर्विद (Astrologer) Astro Dino के अनुसार 21 जून को सूर्य ग्रहण के कारण ग्रह चक्र में बदलाव से चीन का कपटी स्वभाव एक बार फिर सामने आ सकता है। गोचर में शनि और गुरु मकर राशि में स्थित हैं। 1962 के युद्ध में भी इसी तरह की परिस्थितियां थीं। उस समय भी चीन ने मंगल-शनि की दशा में भारत पर धोखे से हमला किया था। वर्तमान में चीन की कुंडली में चंद्रमा साढ़ेसती से पीड़ित है, बुध के कपट योग में फंसकर चीन अपनी विनाश को निमंत्रण दे रहा है।

सूर्य ग्रहण के बाद क्या होगा

21 जून के सूर्यग्रहण के ग्रहों की ज्योतिष (Astrology) गणना और आजाद भारत की #kundali (horoscope) के मारक भाव के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) की कुंडली #kundali (horoscope) के लग्न से अष्टम भाव का विश्लेषण करने से भारत और चीन के बीच झड़प और प्राकृतिक आपदाओं से जन-धन की हानि का योग बना रहा है।

21 जून, 2020 का सूर्यग्रहण मृगशिरा, आर्द्रा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगने से इस दौरान सात ग्रह वक्री रहेंगे, जो देश-दुनिया में कई तरह के बदलाव लेकर आने वाले हैं।

भारत के भाग्य भाव में मकर राशि का स्वामी शनि (Saturn) मकर राशि में है। शनि में जीव के कारक बृहस्पति का आगमन हो रहा है, जो इस समय नीच के भाव में हैं। इसकी वजह से 7 जुलाई तक भारत और चीन (Indo – China ) के बीच मतभेद जारी रहेगा। तकरार की स्थिति बनी रहेगी।

ग्रहण मिथुन राशि में होने के कारण पहले से ही राहु है, जो पितृदोष बनाकर बैठा है। यहां राहु सूर्य को थोड़ा निर्बल कर रहा है।
केतु, जो धनु राशि में है और भारत के अष्टम में है, इस समय खराब स्थिति में है। कुछ समय बाद यहां बृहस्पति भी आने वाले हैं। इस कारण से स्थिति और भी खराब हो सकती है। इस कारण से चीन के साथ संबंध अक्टूबर तक बिगड़े रहेंगे।
ग्रहों की चाल के कारण युद्ध होने की संभावना तो नहीं है लेकिन फिर से छोटी मोटी झड़प हो सकती है। 21 जून सूर्य ग्रहण के बाद से सितंबर तक भारत और चीन के बीच झड़प होने की संभावना ग्रहों की प्रतिकूलता के कारण बन रही है। अक्टूबर तक भारत के पक्ष में स्थितियां मजबूत हो जाएगी।

21 जून से सितंबर के अंत तक भारत और चीन के बीच तनाव बना रहेगा। इस बीच चीन भारत से सीधे-सीधे युद्ध तो नहीं करेगा लेकिन चीन अपनी चालबाजी और धोखेबाजी से भारत उलझाने की कोशिश करेगा लेकिन अक्टूबर महीने में भारत की स्थिति मजबूत होगी और वह सैन्य नीति के साथ आर्थिक मोर्चे पर भी चीन को करारा जवाब देगा।

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